शुक्रवार, 14 जनवरी 2022

गुरुवार, 13 जनवरी 2022

बतरस-लालच लाल की मुरली धरी लुकाइ | बिहारी के दोहे | BIHARI KE DOHE | #shorts | #CBSE | #HINDI | #india

बिहारी के दोहे


बतरस-लालच लाल की मुरली धरी लुकाइ।

सौंह करैं भौंहनु हँसै, दैन कहै नटि जाइ।।

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कहत, नटत, रीझत, खिझत, मिलत, खिलत, लजियात | बिहारी के दोहे | BIHARI KE DOHE | #shorts | #CBSE | #HINDI | #india

बिहारी के दोहे


कहत, नटत, रीझत, खिझत, मिलत, खिलत, लजियात।

भरे भौन मैं करत हैं नैननु हीं सब बात।।

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कागद पर लिखत न बनत, कहत सँदेसु लजात | बिहारी के दोहे | BIHARI KE DOHE | #shorts | #CBSE | #HINDI | #india

बिहारी के दोहे

कागद पर लिखत न बनत, कहत सँदेसु लजात।

कहिहै सबु तेरौ हियौ, मेरे हिय की बात।।

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