शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

चंदा मामा दूर के - साभार – एकलव्य


चंदा मामा दूर के


चंदा मामा दूर के,

पुए पकाएँ बूर के;

आप खाएँ थाली में,

मुन्ने को दें प्याली में।

प्याली गई टूट, मुन्ना गया रूठ।

लाएँगे नई प्यालियाँ,

बजा-बजा के तालियाँ,

मुन्ने को मनाएँगे,

हम दूध-मलाई खाएँगे।

साभार – एकलव्य