शुक्रवार, 3 जून 2016

UGC-NET&SET-MODEL PAPER-42

UGC-NET&SET-MODEL PAPER-42


1. कवि और उनकी काव्य-कृति का सुमेलन कीजिए –
1) ठाकुर जगमोहन सिंह     क) एकांतवासी योगी
2) श्रीधर पाठक                  ख) किसान
3) मैथिलीशरण गुप्त          ग) श्यामा स्वप्न
4) रामनरेश त्रिपाठी            घ) चौखे चौपदे
                                          ङ) पथिक

2. पंक्तियों को कवियों के साथ सुमेलन कीजिए –
1) बंद न करना 
द्वार                                                क) महादेवी वर्मा 
2) गाता हूँ अपनी लय-भाषा सीख इलाहाबाद नगर से  ख) मुक्तिबोध
3) अभिव्यक्ति के सारे खतरे उठाने ही होंगे                 ग) रामनाथ अवस्थी
4) पंथ पहने दे अपरिचित                                           घ) हरिवंशराय बच्चन
                                                                                 ङ) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

3. उपन्यासों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए –
1) कचनार                       क) ऋषभचरण जैन
2) सुखदा                         ख) भगवतीप्रसाद वाजपेयी
3) टूटते बन्धन                 ग) जैनेन्द्र
4) रहस्यमयी                    घ) गोविन्दवल्लभ पंत
                                         ङ) वृंदावनलाल वर्मा

4. कहानी-संग्रह और कहानीकारों का सुमेलन कीजिए –
1) माँस का दरिया       क) रवींद्र कालिया
2) भूदान                    ख) शैलेश मटियानी
3) काला रजिस्टर       ग) कमलेश्वर
4) हारा हुआ                घ) निर्मल वर्मा
                                  ङ) मार्कण्डेय

5. आत्मकथाओं को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए –
1) टुकडे-टुकडे दास्तान       क) वियोगी हरि
2) मेरी आत्म कहानी          ख) अमृतलाल नागर
3) मेरा जीवन प्रवाह            ग) यशपाल
4) सिंहावलोकन                  घ) चतुरसेन शात्री
                                          ङ) फणीश्वरनाथ रेणु

गीत- निराला


गीत- निराला



सखि, वसन्त आया ।
भरा हर्ष वन के मन, 
नवोत्कर्ष छाया।

किसलय-वसना नव-वय-लतिका
मिली मधुर प्रिय-उर तरु-पतिका,
मधुप-वृन्द बन्दी-
पिक-स्वर नभ सरसाया।

लता-मुकुल-हार-गन्ध-भार भर
बही पवन बन्द मन्द मन्दतर,
जागी नयनों में वन-
यौवन की माया।

आवृत सरसी-उर-सरसिज उठे,
केशर के केश कली के छुटे,
स्वर्ण-शस्य-अञ्चल

पृथ्वी का लहराया।

दीप मेरे – महादेवी वर्मा

दीप मेरे – महादेवी वर्मा

दीप मेरे जल अकम्पित,
धुल अचंचल !
सिन्धु का उच्छ्वास घन है,
तड़ित् तम का विकल मन है,
भीति क्या नभ है व्यथा का
आँसुओं से सिक्त अंचल !

स्वर-प्रकम्पित कर दिशाएँ,
मीड़ सब भू की शिराएँ,
गा रहे आँधी-प्रलय
तेरे लिए ही आज मंगल।

मोह क्या निशि के वरों का,
शलभ के झुलसे परों का,
साथ अक्षय ज्वाल का
तू ले चला अनमोल सम्बल !

पथ न भूले, एक पग भी,
घर न खोये, लघु विहग भी,
स्निग्ध लौ की तूलिका से 
आँक सब की छाँह उज्ज्वल !

हो लिये सब साथ अपने,
मृदुल आहटहीन सपने,
तू इन्हें पाथेय बिन, चिर
प्यास के मरु में न खो, चल !

धूम में अब बोलना क्या,
क्षार में अब तोलना क्या !
प्रात हँस-रोकर गिनेगा,
स्वर्ण कितने हो चुके पल !
दीप रे तू गल अकम्पित,

चल अचंचल !

UGC-NET&SET-MODEL PAPER-41

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1. वामन ने रीति सिद्धांत में किसकी प्रधानता स्वीकार की है?
A) गुण 
B) शब्द 
C) अर्थ 
D) वाक्य

2. 'रसध्वनि' को यह भी कहा जाता है?
A) असंलक्ष्यक्रमव्यंग्य ध्वनि 
B) अपरांगव्यंग्य ध्वनि 
C) स्फुटव्यंग्य ध्वनि 
D) अगूढव्यंग्य ध्वनि

3. लाँजाइनस की कृति का मूल नाम क्या है?
A) पोएटिक्स 
B) पेरिहप्सुस 
C) एस्थेटिक्स 
D) ओरिटरी

4. अस्तित्ववाद का प्रभाव किस कृति पर परिलक्षित होता है?
A) आपका बंटी 
B) सारा आकाश 
C) अपने अपने अजनबी 
D) बाणभट्ट की आत्मकथा

5. सिर चढि रही पाया न ह्दय किसके लिए कहा गया है?
A) श्रद्धा 
B) मनु 
C) इड़ा 
D) रति

6. किस कवि ने 'लक्षणा के विस्तृत मैदान में अच्छी दौड लगाई है'?
A)केशवदास 
B) चिंतामणि 
C) भूषण 
D) घनानंद

7. नई कविता पत्रिका के संपादक थे?
A) जगदीशगुप्त 
B) लक्ष्मीकांत वर्मा 
C) विजयदेव नारायण साही 
D) रघुवीर सहाय

8. 'भूषण बिनु न विराजई कवित्त बनिता मित्त' में अलंकाल बताइए -
A) श्लेष 
B) यमक 
C) उत्प्रेक्षा 
D) भ्रान्तिमान

9. 'भूषण बिनु न विराजई कवित्त बनिता मित्त' यह कथन किसका है?
A) बिहारी 
B) मतिराम 
C) केशव 
D) रहीम

10. कबीर ने काशी और मगहर की समानता के लिए क्या आवश्यक माना है?
A) ह्दय में राम का निवास 
B) जीव मात्र पर दया 
C) योग साधना 
D) दोनों में मंदिरों का होना