Thursday, December 6, 2018

RECEIVED “INDYWOOD EDUCATIONAL EXCELLENCE AWARD FOR PROFESSIONAL EXCELLENCE IN TEACHING” - " TELANGANA GOVERNMENT AND INDYWOOD FILM CARNIVAL-2018 @ HITEX CONVENTION CENTER, HYDERABAD (2ND DECEMBER, 2018)

RECEIVED “INDYWOOD EDUCATIONAL EXCELLENCE AWARD FOR PROFESSIONAL EXCELLENCE IN TEACHING” - " TELANGANA GOVERNMENT AND INDYWOOD FILM CARNIVAL-2018 @ HITEX CONVENTION CENTER, HYDERABAD (2ND DECEMBER, 2018)




I (Dr.A.C.V. RAMAKUMAR) WANT TO EXPRESS MY SINCERE APPRECIATION AND THANKS TO TELANGANA GOVERNMENT and INDYWOOD Film Carnival-2018 FOR RECOGNIZING ME WITH “INDYWOOD EDUCATIONAL EXCELLENCE AWARD FOR PROFESSIONAL EXCELLENCE IN TEACHING”. I AM DEEPLY GRATEFUL FOR THIS HONOR. THANK YOU.


CENTRAL UNIVERSITY OF TAMILNADU, VICE CHANCELLOR 

HON’BLE VICE-CHANCELLOR PROF. DR. A. P. DASH APPRECIATED TO DR. A.C.V.RAMAKUMAR.



CENTRAL UNIVERSITY OF TAMILNADU, HOD/DEAN 


PROF. S.V.S.S. NARAYANA RAJU APPRECIATED TO DR. A.C.V.RAMAKUMAR.


                                                                             







Renowned Education professionals and Organisations Honoured with Indywood Education Excellence Awards 2018 at Hyderabad


02.12.2018, Hyderabad, India: The prestigious Indywood Education Excellence Awards 2018 concluded successfully at HITEX, Hyderabad on 2nd December 2018. The award was organised to recognize and facilitate top educational organisations and educational professionals for their unrelenting support and contributions to the industry.  Mr. Ibrahim Abdulla Humaid Al Hosni was the chief guest of the event.

Recognizing the contributions, outstanding services and accomplishments spanning through a career in the education industry, Indywood Education Excellence Award Life Time Achievement – Outstanding services in education sector was bestowed upon Dr. Prasad Dattajirao Patil, Chancellor & Chairman , Dr. D Y Patil University , Pune and Dr. Syed Shah Khusro Hussaini, Chancellor, Khaja Bandanawaz & President, Khaja Education Society University was bestowed with Life Time Achievement – Academic Entrepreneurship.

Indywood Education Excellence Awards was also bestowed upon two different categories: Individual and Organisation. The winners included Dr Manivanan Saman,CEO ,Erican Education Group,Malaysia (Professional Excellence - Educational Management); Mr.Tamil Chelvan, Managing Partner, RED Consulting Group / Federation University Australia, Malaysia (Professional Excellence in Educational Consultancy Support - Asia & Africa); Mr. Sudhakar Kota, Director, Skyline University, Sharjah (Professional Excellence in QA Policy Management for Higher Education); Mrs. Rafia Zafar Ali, Director, Leaders Private School, Sharjah, UAE (Professional Excellence - Administration); Ms. Sharada Rao, CEO,  Clinformatik (Excellence In Enterpreneurship - Initiative In Promoting Educational Startup); Mr. Gampa Nageshwer Rao, IMPACT FOUNDATION (Professional Excellence in Training For Youth); Dr. Meena Galliara, Director, Narsee Monjee Institute of Management Studies,India (Professional Excellence for Contribution in Social Entrepreneurship); Dr. D. N. Rao, Vice Chancellor, Lingaya's Vidhapeeth, India (Professional Excellence in Advanced Finance Education in India); Dr. Yamanasa Raibagi, Principal,JSS Shri Manjunatheshwar PU  Sci and Com College,India (Professional  Excellence in Natural Sciences Education); and Dr A.C.V. Ramakumar, Asst. Professor, Dept. of Hindi, Central University of TamilNadu (Professional Excellence In Teaching) and Mr. Pramod Mahajan, School Director/Principal,Sharjah Indian School.

The organisation awards were bestowed upon Sharjah Indian School (Organizational Excellence for Faculty Training & Development); Nehru Arts and Science College,  Coimbatore, Tamil Nadu (Organizational Excellence for Contribution to Higher Education); Vellore Institute of Technology,Tamil Nadu (Best Private Engineering College); Society for Telangana State Network (SoFTNET) (Excellence in Contribution to Audio-Visual Infotainment); CMR College Of Engineering  & Technology,Hyderabad (Organizational Excellence in Technical Education ); Creative Multimedia College of Fine Arts, Hyderabad (Best Regional Digital Media Institute); Rockwell International School, Hyderabad (Organizational Excellence in Promoting Best Learning Practice); Creative Mentors, Hyderabad (Emerging Animation College); Epistemo Vikas Leadership School, Hyderabad (Professional Excellence for Contribution to Entrepreneurship Development); Navodaya Education Trust , Karnataka (Organizational Excellence in Educational & Healthcare Initiatives); Balanagar Technical Institution, kerala (Excellence In  Regional  Technical Education); MCES PAI College of VEDA ,Pune ,Maharashtra (Excellence for Contribution to IT Education in India); Lifology, Thiruvananthapuram, Kerala  (Best Career Development Program) and Samaikya Educations (Emerging CBSC school).

A Panel Discussion on ‘Transforming Education through Digital Technology’ was also conducted during the ceremony. The panel discussed what measures can be taken to improve the quality of education in the country. The session was moderated by Mr. Praveen Parameswar, CEO, Lifology.

Indywood Media Excellence Awards 2018 was organized as a part of Project Indywood, a US$10 Billion Project to be initiated by a consortium of 2000 Indian corporate and Multi-Millionaires.

Please click on the link to watch all photographs https://photos.app.goo.gl/WxGMMhBXeEVKhZ1M8




Thursday, November 22, 2018

NTA-UGC-NET EXAM MODEL PAPER-2 (HINDI)

NTA-UGC-NET EXAM MODEL PAPER-2 (HINDI) 

1. 'हिंदी नई चाल में ढली' किसका कथन है?
(A) भारतेंदु हरिश्चंद्र
(B) रामविलास शर्मा
(C) रामचंद्र शुक्ल
(D) हज़ारीप्रसाद द्विवेदी

2. 'नागरी प्रचारिणी सभा' का केंद्रीय कार्यालय कहाँ है?
(A) वाराणसी
(B) प्रयाग
(C) वर्धा
(D) कलकत्ता

3. निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रंथ केशवदास का नहीं है?
(A) कविप्रिया
(B) रसिकप्रिया
(C) रामचंद्रिका
(D) कीर्तिपताका

4. 'भरतेश्वर बाहुबली रास' के रचनाकार हैं।
(A) शालिभद्र सूरी
(B) सरहपाद
(C) पुष्पदन्त
(D) भरतेश्वर

5. 'राउलवेल' का रचनाकाल माना जाता है।
(A) सातवीं शताब्दी
(B) आठवीं शताब्दी
(C) नवीं शताब्दी
(D) दसवीं शताब्दी

6. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना नाटक नहीं है?
(A) यमगाथा
(B) अपरिभाषित
(C) टैरीकोटा
(D) चौराहा

7. विधा की दृष्टी से कौन-सा वर्ग सही है?
(A) मेरी आत्मकहानी, मेरी असफलताएँ, मेरी जीवनयात्रा, माटी की मूरतें
(B) रामचरितमानस, पद्मावत, साकेत, प्रियप्रवास
(C) आषाढ़ का एक दिन, गबन, गोदान, राम की शक्तिपूजा
(D) चाक, कब तक पुका, रुकोगी नहीं राधिका, सेतुबंध

8, कालक्रमानुसार साहित्यकारों का कौन-सा वर्गसही है?
(A) दादू, जगनिक, बेनी प्रवीण, केशव
(B) जगनिक, दादू, केशव, बेनी प्रवीण
(C) केशव, बेनी प्रवीण, जगनिक, दादू
(D) बेनी प्रवीण, केशव, दादू, जगनिक

9. 'भारतेंदु मंडल' के साहित्यकारों का सही वर्ग है।
(A) प्रताप नारायण मिश्र, महावीर प्रसाद द्विवेदी, रामवृक्ष बेनीपुरी, हज़ारी प्रसाद द्विवेदी।
(B) महावीर प्रसाद द्विवेदी, प्रताप नारायण मिश्र, बाल मुकुंद गुप्त, रामचंद्र शुक्ल।
(C) बदरी नारायण चौधरी ‘ प्रेमघन ', प्रताप नारायण मिश्र, तोताराम, बालकृष्ण भट्ट।
(D) बदरी नारायण चौधरी ' प्रेमघन ', महावीर प्रसाद द्विवेदी, तोताराम, लक्ष्मण सिंह।

10. 'अपरूप का कवि' किसे कहा जाता है?
(A) विद्यापति
(B) अमीर खुसरो
(C) चंद वरदाई
(D) नरपति नाल्ह

11. ईश्वर की कल्पना स्त्री के रूप में की गई है।
(A) शिव-नारायणी संप्रदाय में।
(B) सूफी संप्रदाय में।
(C) कबीर पंथ में
(D) रसिक संप्रदाय में

12. ब्रजभाषा के संबंध में मान्यता है।
I. ब्रजभाषा पश्चिमी हिंदी की बोली है।
॥. ब्रजभाषा में तुलसीदास ने रचनाएँ की हैं ।
III. ब्रजभाषा अर्धमागधी अपभ्रंश से विकसित हुई है।
IV. उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं।
सही विकल्प बताइए –
(A) । और II दोनों गलत
(B) I और II दोनों सही
(C) I, II और III तीनों सही
(D) । और ||| दोनों सही

13. "विभावानुभावव्यभिचारिसंयोगाद्रसनिष्पत्तिः" रससूत्र है -
I. उक्त सूत्र के उद्भावक मम्मट हैं।
॥. उक्त सूत्र में संचारी भाव का उल्लेख है ।
III. उक्त सूत्र में स्थायीभाव का स्पष्ट उल्लेख है ।
IV. उक्त तीनों कथन सही हैं।
सही विकल्प बताइए –
(A) I और II दोनों सही
(B) I, ।I और ।।। तीनों सही
(C) । और III दोनों सही
(D) I, III, IV तीनों गलत

14. काव्यशास्त्रियों के बारे में निम्नलिखित कथन हैं।
I. 'काव्यालंकार' के रचनाकार भामह हैं।
॥. भामह छठी सदी के आचार्य हैं।
III. 'काव्यादर्श' के रचनाकार दण्डी हैं।
IV. दण्डी नवीं सदी के आचार्य हैं।
सही विकल्प बताइए –
(A) 1 और II सही
(B) III और IV सही
(C) II, III और IV सही
(D) I, III और IV सही

15. 'रस मीमांसा' के विषय में कहा जाता है –
I. 'रस मीमांसा' के लेखक अभिनव गुप्त हैं।
॥. रस मीमांसा' के लेखक रामचंद्र शुक्ल हैं।
III. रस मीमांसा' के संपादक विश्वनाथ प्रसाद मिश्र हैं।
IV. रस मीमांसा' के लेखक विश्वनाथ प्रसाद मिश्र हैं।
सही विकल्प बताइए –
(A) । और II सही
(B) II और III सही
(C) I सही और III गलत
(D) ॥ सही और III गलत

16. “सुतिसम्मत हरिभक्तिपथ संजुत विरति विवेक' प्रसिद्ध उक्ति है।
I. उक्त कथन तुलसीदास का है।
॥. उक्त कथन नाभादास का है।
III. उक्त कथन में सगुण भक्ति की महिमा का बखान किया गया है।
IV. उक्त कथन में भक्ति के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण है।
सही विकल्प बताइए –
(A) I और II सही
(B) II और III सही
(C) III और IV सही
(D) I और Ill सही

17. प्रथम प्राकृत भाषा है –
(A) वैदिक संस्कृत
(B) शौरसेनी
(C) पालि
(D) लौकिक संस्कृत

18. आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं की दृष्टी से कौन सा वर्ग सही है?
(A) मराठी, तमिल, गुजराती, उड़िया
(B) कश्मीरी, उड़िया, बंगला, पंजाबी
(C) असमिया, उड़िया, मलयालम, मारवाड़ी
(D) बंगला, मालवी, तेलुगु, सिंधी

19. सूफी प्रेमाख्यानक काव्यों में प्रथम रचना है –
(A) मृगावती
(B) पद्मावत 
(C) चंदायन
(D) मधुमालती

20. रस संप्रदाय का प्राचीनतम उपलब्ध ग्रंथ है।
(A) नाट्यशास्त्र
(B) ध्वन्यालोक
(C) अलंकारमंजरी
(D) रसमंजरी

निर्देश : प्रश्न संख्या 21 से 25 तक दी गई स्थापनाओं और तकों को ध्यानपूर्वक पढ़कर बहुविकल्पीय उत्तरों में से सही उत्तर का चयन करें। 


21. स्थापना (A) : श्रद्धा और प्रेम के योग का नाम भक्ति है।

      तर्क       (R) : क्योंकि प्रेम में एकांतिकता होने पर भी भक्ति संभव है।
(A) (A) और (R) सही
(B) (A) और (R) गलत
(C) (A) गलत (R) सही
(D) (A) सही (R) गलत

22. स्थापना (A) : बर्बरता की पहली सीढ़ी से सभ्यता की अंतिम सीढ़ी तक युद्ध मनुष्य जाति का साथ देता आया है।
      तर्क (R) : क्योंकि सभ्यता के विकास में युद्ध की अनिवार्यता स्वत: सिद्ध है।
(A) (A) सही (R) गलत
(B) (A) गलत (R) सही
(C) (A) और (R) सही
(D) (A) और (R) गलत

23. स्थापना (A) : “रावरे रूप की रीति अनूप नयो-नयो लागत ज्यो-ज्यों निहारिये"। उक्त कथन में सौंदर्य की परिभाषा बतायी गयी है।
       तर्क (B) : क्योंकिसौंदर्य कीउक्त परिभाषा सार्वभौमिक है।
(A) ( A ) और ( R ) सही
(B) ( A ) और ( R ) गलत
(C) ( A ) सही ( R ) गलत
(D) ( A ) गलत ( R ) सही ।

24 . स्थापना (A) : कविता का मूल प्रयोजन आनंद है।
       तर्क (R) : क्योंकि कविता का उद्देश्य लोकमंगल है ।
(A) ( A ) गलत ( R ) सही
(B) ( A ) सही ( R ) गलत
(C) ( A ) और ( R ) सही
(D) ( A ) और ( R ) गलत

25. स्थापना (A) : अधिकार सुख कितना मादक और सारहीन है।
      तर्क (R) : क्योंकि अधिकार पाने के बाद व्यक्ति के लिए दुःख पाना अनिवार्य हो जाता है।
(A) ( A ) और ( R ) सही
(B) ( A ) और ( R ) गलत
(C) ( A ) सही ( R ) गलत
(D) ( A ) गलत ( R ) सही

26. निम्नलिखित रचनाओं का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम बताइए।
(A) रामचरितमानस, रामचंद्रिका, साकेत, वैदेही वनवास
(B) साकेत, रामचरितमानस, वैदेही वनवास, साकेत
(C) रामचरितमानस, रामचंद्रिका, वैदेही वनवास, साकेत
(D) वैदेही वनवास, साकेत, रामचंद्रिका, रामचरितमानस

27. निम्नलिखित उपन्यासों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम है -
(A) गोदान, गबन, निर्मला, सेवासदन
(B) सेवासदन, निर्मला, गबन, गोदान
(C) निर्मला, गोदान, सेवासदन, गबन
(D) गबन, गोदान, निर्माला, सेवासदन

28. निम्नलिखित कहानियों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम है -
(A) पंच परमेश्वर, सवार गेहूँ, पूस की रात, कफन
(B) सवार गेहूँ, पूस की रात, कफन, पंच परमेश्वर
(C) कफन, पंच परमेश्वर, पूल की रात, सवासेर गेहूँ
(D) पूल की रात, कफन, पंच परमेश्वर, सवासेर गेहूँ

29. निम्नलिखित भाषाओं के विकास का सही अनुक्रम बताइए -
(A) पालि, अपभ्रंश, प्राकृत, संस्कृत
(B) अपभ्रंश, पालि, संस्कृत, प्राकृत
(C) संस्कृत, पालि, प्राकृत, अपभ्रंश
(D) प्राकृत, संस्कृत, अपभ्रंश, पालि

30. निम्नलिखित नाट्यकृतियों का सही अनुक्रम बताइए -
(A) लहरों के राजहंस, पैर तले की ज़मीन, आधे अधूरे, आषाढ़ का एक दिन
(B) पैर तले की जमीन, आधे अधूरे, लहरों के राजहंस, आषाढ़ का एक दिन
(C) आधे अधूरे, आषाढ़ का एक दिन, पैर तले की जमीन, आधे अधूरे
(D) आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, आधे अधूरे, पैर तले की जमीन
31. कालक्रमानुसार निम्नलिखित विचारकों का सही अनुक्रम बताइए –
(A) मैथ्यू ऑरनॉल्ड, क्रोचे, टि.एस. इलियट, आई.ए. रिचर्डस
(B) क्रोचे, टी.एस. इलियट, मैथ्यू ऑरनॉल्ड, आई.ए. रिचर्ड्स
(C) आई.ए. रिचर्डस, मैथ्यू ऑरनॉल्ड, टी.एस. इलियट, क्रोचे
(D) टी.एस. इलियट, आई. ए. रिचर्ड्स, क्रोचे, मैथ्यू ऑरनॉल्ड

32. निम्नलिखित कहानियों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम बताइए –
(A) वापसी, उसने कहा था, दुलाईवाली, ग्यारह वर्ष का समय
(B) दुलाईवाला, ग्यारह वर्ष का समय, उसने कहा था, वापसी
(C) ग्यारह वर्ष का समय, उसने कहा था, वापसी, दुलाईवाली
(D) उसने कहा था, दुलाईवाली, वापसी, ग्यारह वर्ष का समय

33. प्रकाशनकाल के अनुसार निम्नलिखित पत्रिकाओं का सही अनुक्रम लिखिए।
(A) सरस्वती, नागरी प्रचारिणी पत्रिका, कविवचनसुधा, हिंदी प्रदीप
(B) हिंदी प्रदीप, कविवचनसुधा, सरस्वती, नागरीप्रचारिणी पत्रिका
(C) नागरी प्रचारिणी पत्रिका, कविवचनसुधा, हिंदी प्रदीप, सरस्वती
(D) कविवचनसुधा, हिंदी प्रदीप, नागरी प्रचारिणी पत्रिका, सरस्वती

34. निम्नलिखित रचनाओं का काल के अनुसार सही अनुक्रम है –
(A) सुखमय जीवन, रानी केतकी की कहानी, राउलवेल, सिंहासन बत्तीसी
(B) सिंहासन बत्तीसी, सुखमय जीवन, रानी केतकी की कहानी, राउलवेल
(C) राउलवेल, सिंहासन बत्तीसी, रानी केतकी की कहानी, सुखमय जीवन
(D) रानी केतकी की कहानी, सिंहासन बत्तीसी, सुखमयजीवन, राउलवेल

35. निम्नलिखित निबंधकारों का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम है –
(A) कुबेरनाथ राय, सरदार पूर्णसिंह, प्रताप नारायण मिश्र, हरिशंकर परसाई
(B) हरिशंकर परसाई, प्रताप नारायण मिश्र, सरदार पूर्णसिंह, कुबेरनाथ राय
(C) सरदार पूर्णसिंह, कुबेरनाथ राय, प्रताप नारायण मिश्र, हरिशंकर परसाई
(D) प्रताप नारायण मिश्र, सरदार पूर्णसिंह, हरिशंकर परसाई, कुबेरनाथ राय

36. निम्नलिखित कृतियों का उनके कृतिकारों के साथ सुमेलित कीजिए –
(a) संसद से सड़क तक     (i) केदारनाथ अग्रवाल
(b) फूल नहीं रंग बोलते हैं (ii) दुष्यंतकुमार
(c) युगधारा                     (iii) धूमिल
(d) साए में धूप                 (iv) नागार्जुन
                                        (v) शमगरे बहादुर सिंह
इनमें से सही विकल्प बताइए –
     ( a ) ( b ) ( c ) (d )
(A) (iii) (i) (iv) (ii)
(B) (i) (ii) (iii) (iv)
(C) (iv) (iii) (ii) (i)
(D) (v) (i) (iv) (iii)

37. निम्नलिखित उक्तियों को उनके उक्तिकारों के साथ सुमेलित कीजिए
( a ) वाक्यं रसात्मकं काव्यम्।                    ( i ) वामन
( b ) रमणीयार्थ प्रतिपादकः शब्दः काव्यम्। ( ii ) विश्वनाथ
( c ) सौंदर्यमलंकारः।                                  ( iii ) भामह
( d ) शब्दार्थों सहितौ काव्यम्।                     ( iv ) मम्मट
                                                                   ( v ) पं . जगन्नाथ
इनमें से सही विकल्प बताइए –
     ( a )( b )( c )(d )
(A) (i) (ii) (iii) (iv)
(B) (v) (iii) (ii) (i)
(C) (v) (iv) (i) (ii)
(D) (ii) (v) (i) (iii)

38. निम्नलिखित उपन्यासों को उनके उपन्यासकारों के साथ सुमेलित कीजिए –
( a ) महाभोज                  (i) अज्ञेय
( b ) नदी के द्वीप           (ii) नागार्जुन
( c ) वरुण के बेटे             (iii) राही मासूम रज़ा
( d ) आधा गाँव               (iv) मन्नू भंडारी
                                      ( v ) भीष्म साहनी
इनमें से सही विकल्प बताइए –
      ( a ) ( b ) ( c ) d )
(A) (i) (ii) (iii) (iv)
(B) (iii) (ii) (i) (v)
(C) (iv) (i) (ii) (iii)
(D) (ii) (iii) (iv) (v) 

39. निम्नलिखित कहानीकारों को उनकी कहानियों के साथ सुमेलित कीजिए
( a ) कमलेश्वर        (i) वापसी
( b ) मोहन राकेश   (ii) बड़े भाईसाहब
( c ) प्रेमचंद            (iii) दोपहर का भोजन
( d ) अमरकांत        (iv) परमात्मा का कुत्ता
                                (v) दिल्ली में एक मौत
इनमें से सही विकल्प बताइए –
    ( a ) ( b ) ( c ) d )
(A) (i) (ii) (iii) (v)
(B) (v) (iv) (ii) (iii)
(C) (iv) (iii) (ii) (i)
(D) (ii) (i) (iv) (v)

40. निम्नलिखित काव्यांशों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए –
( a ) वियोगी होगा पहलाकवि   (i) प्रसाद
( b ) जो घनीभूत पौड़ा थी        (ii) निराला
( c ) शहर के उस ओर खंडहर की तरफ परित्यक्त सूनी बाबड़ी (iii) पंत
( d ) पेट-पीठ दोनों मिलकर    (iv) मुक्तिबोध
                                             ( v ) अज्ञेय
इनमें से सही विकल्प बताइए –
     ( a )( b )( c )( d )
(A) (i) (ii) (iii) (v)
(B) (iv) (iii) (ii) (i)
(C) (v) (i) (iv) (iii)
(D) (iii) (i) (iv) (ii)

41. निम्नलिखित पत्रिकाओं को उनके संपादकों के साथ सुमेलित कीजिए –
( a ) कविवचनसुधा     (i) प्रेमचंद
( b ) सरस्वती             (ii) अज्ञेय
( c ) हंस                     (iii) महावीर प्रसाद द्विवेदी
( d ) नया प्रतीक         (iv) भारतेंदु हरिचंद्र
(v) निराला
इनमें से सही विकल्प बताइए –
   ( a ) ( b ) ( c ) d )
(A) (iv) (iii) (ii) (i)
(B) (iv) (iii) (i) (ii)
(C) (i) (ii) (v) (iv)
(D) (v) (iii) (ii) (iv)

42. निम्नलिखित आचार्यों को उनके काल के साथ सुमेलित कीजिए –
( a ) दण्डी  ( i ) नवीं शताब्दी
( b ) शंकुक ( ii ) बारहवीं शताब्दी
( c ) मम्मट ( iii ) सातवीं शताब्दी
( d ) हेमचंद्र ( iv ) तेरहवीं शताब्दी
                    ( v ) ग्यारहवीं शताब्दी
इनमें से सही विकल्प बताइए –
   ( a ) ( b ) ( c ) d )
(A) (iii) (i) (v) (ii)
(B) (i) (ii) (iii) (v)
(C) (v) (iii) (ii) (i)
(D) (iv) (v) (i) (iii) 

43. निम्नलिखित आचार्यों को उनकी रचनाओं के साथ सुमेलित कीजिए –
( a ) क्षेमेन्द्र    ( i ) काव्यालंकारसार संग्रह
( b ) भोजराज ( ii ) सरस्वतीकंठाभरण
( c ) भामह     ( iii ) कविकंठाभरण
( d ) उद्भट       ( iv ) काव्यालंकार
                       ( v ) काव्य प्रकाश
इनमें से सही विकल्प बताइए –
    ( a ) ( b ) ( c ) (d )
(A) (iv) (iii) (ii) (i)
(B) (i) (ii) (iii) (iv)
(C) (iii) (ii) (iv) (i)
(D) (v) (iv) (iii) (ii) 

44. पाश्चात्य विचारकों और उनके मतों को सुमेलित कीजिए
( a ) अरस्तू                  ( i ) रूसवाद
( b ) आई.ए.रिचर्ड्स      ( ii ) निर्वैयक्तिकता का सिद्धांत
( c ) टी . एस . इलियट ( iii ) मूल्य सिद्धांत
( d ) रूसो                    ( iv ) अनुकरण सिद्धांत
                                   ( v ) संरचनावाद 
इनमें से सही विकल्प बताइए – 
    ( a ) ( b ) ( c ) (d ) 
(A) (i) (ii) (v) (iii) 
(B) (iv) (iii) (ii) (i) 
(C) (iii) (iv) (v) (ii) 
(D) (iv) (i) (iii) (ii) 

45. रस-निष्पत्ति विषयक आचार्यों तथा उनके वादों का सुमेलन कीजिए –
( a ) भट्टलोल्लट ( i ) अनुमितिवाद
( b ) शंकुक        ( ii ) अभिव्यक्तिवाद
( c ) भट्टनायक  ( iii ) उत्पत्तिवाद
( d ) अभिनव गुप्त ( iv ) भुक्तिवाद
                               ( v ) अभिव्यंजनावाद
इनमें से सही विकल्प बताइए –
   ( a ) ( b ) ( c ) ( d )
(A) (i) (ii) (iii) (iv)
(B) (iii) (i) (iv) (ii)
(C) (v) (iii) (ii) (iv)
(D) (iv) (v) (ii) (iii)

निर्देश : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़कर उससे संबंधित प्रश्नों (प्रश्नसंख्या 45 से 50) के उत्तरों के दिए गए बहुविकल्पों में से सही विकल्प का चयन करें : 

सत्य से आत्मा का संबंध तीन प्रकार का है। एक जिज्ञासा का संबंध है, दुसरा प्रयोजन का संबंध है और तीसरा आनंद का। जिज्ञासा का संबंध दर्शन का विषय है, प्रयोजन का संबंध विज्ञान का विषय है और आनंद का संबंध केवल साहित्य का विषय है। सत्य जहाँ आनंद का स्त्रोत बन जाता है, वहीं वह साहित्य हो जाता है। जिज्ञासा का संबंध विचार से है, प्रयोजन का संबंध स्वार्थ-बुद्धि से। आनंद का संबंध मनोभावों से हैं। साहित्य का विकास मनोभावों द्वारा ही होता है। एक दृश्य या घटना को हम तीनों ही भिन्न-भिन्न नज़रों से देख सकते हैं। हिम से ढंके हुए पर्वत पर उषा का दृश्य दार्शनिक के गहरे विचार की वस्तु है, वैज्ञानिक के लिए अनुसंधान की और साहित्यिक के लिए विह्वलता की। विह्वलता एक प्रकार का आत्म समर्पण है। यहाँ हम पृथकता का अनुभव नहीं करते। यहाँ ऊँच-नीच, भले-बुरे का भेद नहीं रह जाता। 

46. जिज्ञासा, प्रयोजन और आनंद का संबंध किससे होता है?
( A ) सत्य से
( B ) विज्ञान से
( C ) दर्शन से
( D ) उक्त सभी से 

47. 'आनंद' का संबंध किससे होता है?
( A ) दर्शन से
( B ) विज्ञान से
( C ) साहित्य से
( D ) क्षोभ से

48. साहित्य-सृजन का आधारभूत तत्व है -
( A ) वैयक्तिकता
( B ) मनोभाव
( C ) दार्शनिकता
( D ) अनुभूतिहीनता

49. साहित्यिक की पहचान होती है।
( A ) संवेदनशीलता से
( B ) प्रतिबद्धता से
( C ) जिज्ञासा से
( D ) प्रयोजनशीलता से

50. विज्ञान कार्यव्यापार है।
( A ) बौद्धिक
( B ) मानसिक
( C ) व्यावहारिक
( D ) संवेदनशील

Monday, November 12, 2018

NTA-UGC-NET EXAM MODEL PAPER-1 (HINDI) MAHARASHTRA STATE ELIGIBILITY TEST-1st DECEMBER, 2013

NTA-UGC-NET EXAM MODEL PAPER-1 (HINDI)
MAHARASHTRA STATE ELIGIBILITY TEST-1st DECEMBER, 2013

1. 'संदेशरासक' किसकी रचना हैं? 
(A) अद्दहमाण
(B) पुष्यदंत
(C) मुल्ला दाऊद
(D) स्वयंभू

2. इनमें से कौन अवधी का कवि नहीं है?
(A) त्रिलोचन शास्त्री ।
(B) केदारनाथ अग्रवाल
(C) नरेश मेहता

(D) डॉ.द्वारिकाप्रसाद मिश्र

3. ‘हाडौती' किस प्रदेश में बोली जाती है?
(A) उत्तर प्रदेश
(B) गुजरात
(C) हरियाणा
(D) राजस्थान

4. देवनागरी लिपि का विकास किस लिपि से हुआ? 
(A) ब्राह्मी
(B) खरोष्ठी
(C) शारदा
(D) कैथी ।

5. राजभाषा के संदर्भ में कौनसा क्षेत्र 'क' भाषा-क्षेत्र में नहीं आता?
(A) गुजरात
(B) अरुणाचल प्रदेश

(C) उत्तराखंड
(D) अंडमान - निकोबार

6. 'साहित्य का इतिहास दर्शन' किसकी रचना है?
(A) नलिन विलोचन शर्मा
(B) सुमन राजे
(C) रांगेय राघव
(D) बच्चन सिंह

7. आदिकाल को ‘सिद्ध सामंत काल' का नाम किसने दिया?
(A) रामचन्द्र शुक्ल
(B) राहुल सांकृत्यायन
(C) हजारीप्रसाद द्विवेदी
(D) मिश्रबंधु

8. 'छायावाद' का नामकरण किसने किया?
(A) नामवर सिंह
(B) पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
(C) मुकुटधर पांडेय
(D) नंददुलारे वाजपेयी

9. इनमें से एक रचना वीरगाथापरक रासो काव्य नहीं हैं :
(A) बीसलदेव रासो
(B) खुमाण रासो
(C) हमौर रासो
(D) पृथ्वीराज रासो

10. 'योगप्रवाह' किसकी रचना है?
(A) मत्स्येंद्रनाथ
(B) गोरखनाथ
(C) द्विजेंद्रनाथ
(D) यतीन्द्रनाय ।

11. अमीर खुसरो ने किस विधा में रचना नहीं की ?
(A) ग़ज़ल
(B) मुकरी
(C) दो सुखने
(D) रमैनी

12. हिंदी का प्रथम गद्य-ग्रंथ है :
(A) उक्ति-व्यक्ति प्रकरण
(B) भाषा योगवाशिष्ठ
(C) चंद छंद बरनन की महिमा
(D) चौरासी वैष्णवन की वार्ता

13. 'दाद सम्प्रदाय' किस प्रकार का संप्रदाय है?
(A) सगुणोपासक
(B) निर्गुणोपासक
(C) उभयात्मक
(D) नास्तिक

14. 'महानुभाव संप्रदाय' के प्रमुख आराध्य हैं।
(A) राम
(B) कृष्ण
(C) शिव
(D) शक्ति

15. 'मसलानामा' के रचनाकार हैं :
(A) कुतुबन
(B) मंझन
(C) जायसी
(D) नूर मुहम्मद

16. पुष्टिमार्ग सिद्धांत के मूल प्रवर्तक कौन हैं?
(A) वल्लभाचार्य
(B) विट्ठलनाथ
(C) कुंभनदास
(D) जगजीवनदास

17. तुलसीदास की कौनसी रचना ज्योतिष पर आधारित है?
(A) गीतावली
(B) रामलला नहछू 
(C) रामाज्ञा प्रश्न
(D) जानकीमंगल

18. इनमें रीतिकालीन कवियों की कौनसी मुख्य प्रवृत्ति नहीं रही हैं?
(A) लक्षण ग्रंथ–परंपरा
(B) नायक-नायिका भेद
(C) नखशिख वर्णन
(D) योग-दर्शन

19. 'स्वत्व निज भारत गहै’ - यह किसका कथन है?
(A) द्विजदेव
(B) ईश्वरचन्द्र विद्यासागर
(C) भारतेंदु हरिश्चन्द्र
(D) देवेंद्रनाथ

20. 'शिवशंभु के चिट्ठे' किस पत्र-पत्रिका में प्रकाशित हुए थे?
(A) विशाल भारत
(B) माधुरी
(C) सरस्वती
(D) भारत मित्र

21. मैथिलीशरण गुप्त का एक उपनाम था :
(A) मधुप
(B) राष्ट्रकवि
(C) भारत भारती
(D) मुंशी अजमेरी

22. सन् 2013 किस कवि का जन्मशती-वर्ष है?
(A) शमशेर बहादुर सिंह
(B) भवानीप्रसाद मित्र
(C) केदारनाथ अग्रवाल
(D) नरेंद्र शर्मा

23. प्रयोगवादी काव्यधारा में कौन कवि नहीं है?
(A) कुँवरनारायण ।
(B) भारत भूषण अग्रवाल
(C) शमशेर बहादुर सिंह
(D) नागार्जुन
24. मुक्तिबोध की कौनसी रचना ‘फँटेसी' से प्रभावित नहीं है?
(A) चाँद का मुँह टेवा है ।
(B) ब्रह्मराक्षस
(C) भूल - गलती
(D) अंधेरे में

25. 'सूरा' प्रेमचंद के किस उपन्यास का पात्र है?
(A) कर्मभूमि
(B) कायाकल्प
(C) रंगभूमि
(D) वरदान

30. लक्ष्मीनारायणलाल के नाटक हैं :
(1) अंधा कुजी
(2) मादा कैक्टस
(3) जय-पराजय
(4) सूर्यमुखी
इनमें से कौनसा सही विकल्प है ?
(A) 1, 2 और 3
(B) 2, 3 और 4
(C) 1, 3 और 4
(D) 1, 2 और 4

31. 'रामचरितमानस' के इन कांडों का सही क्रम है :
(A) किष्किघाकांड - अरण्यकांड – सुंदरकांड - लंकाकांड
(B) अरण्यकांड - किष्किघाकांड – सुंदरकांड - लंकाकांड
(C) सुंदरकांड - लंकाकांड - किष्किंघाकांड - अरण्यकांड
(D) लंकाकांड - सुंदरकांड – किष्किंधाकांड - अरण्यकांड

32. निम्नलिखित आचार्यों का सही कालक्रम है :
(A) सुकरात - प्लेटो - अरस्तू - होरेस
(B) प्लेटो - सुकरात - होरेस – अरस्तु
(C) अरस्तू - सुकरात - प्लेटो - होरेस
(D) होरेस - अरस्तू - सुकरात – प्लेटो

33. कालक्रमानुसार आचार्यों का सही अनुक्रम है :
(A) रिचर्डस - मैथ्यू आर्नड - कोरे - इलियट
(B) मैथ्यू आर्नल्ड - रिचड्स - क्रो - इलिस्ट
(C) क्रोचे - इलियट - मैथ्यू आनंद - रिवईस
(D) इलियट - क्रोचे – मैथ्यू नंद - बिड्स

34. कालक्रमनुसार इन कहानियों का सही वर्ग बताइए।
(A) उसने कहा था - दुलाईवालो - टोकरी भर मिट्टी - रानी केतकी की कहानी
(B) दुलाईवली - उसने कहा था - रानी केतकी की कहानी – टोकरी भर मिट्टी
(C) रानी केतकी की कहानी - टेकरी भर मिट्टी - दुलईवाली - उसने का था
(D) टोकरी भर मिट्टी - रानी केतकी की कहानी - दुलाईवाली - उसने कहा था 


35. प्रकाशन के आधार पर प्रेमचंद के उपन्यासों का सही क्रम है -
(A) सेवासदन – प्रेमाश्रम - गबन – गोदान
(B) प्रेमाश्रम - सेवासदन – गोदान – गबन
(C) गबन - गोदान – सेवासदन - प्रेमाश्रम
(D) सेवासदन - प्रेमाश्रम - गोदान - गबन

36. कालक्रम के अनुसार निराला की रचनाओं का सही क्रम है ।
(A) गीतिका – परिमल - कुकुरमुत्ता - गीतगुंज
(B) गीतगंज – कुकुरमुत्ता - गीतिका – परिमल
(C) परिमल - गीतिका - कुकुरमुत्ता - गीतगंज
(D) कुकुरमुत्ता - गीतगंज – परिमल - गीतिका

37. प्रकाशन के क्रमानुसार ' प्रसाद ' जी के कहानी संग्रह का सही क्रम है :
(A) प्रतिध्वनि - छाया - आकाशदीप - इंद्रजाल
(B) छाया – प्रतिध्वनि - आकाशदीप - इंद्रजाल ।
(C) इंद्रजाल - छाया – प्रतिध्वनि - आकाशदीप
(D) आकाशदीप - प्रतिध्वनि - छाया - इंद्रजाल

38. कालक्रमानुसार समीक्षा से संबंधित कृतियों का सही वर्ग है -
(A) कालिदास की लालित्य योजना – कालिदास की निरंकुशता - कालिदास का भारत - कविकुल गुरु
(B) कविकुल गुरु – कालिदान का भारत- कालिदास की निरंकुशता – कालिदास की लालित्य योजना
(C) कालिदास की निरंकुशता – कालिदास का भारत - कविकुल गुरु – कालिदास की लालित्य योजना । (D) कालिदास का भारत – कविकुल गुरु - कालिदास की लालित्य योजना - कालिदास की निरंकुशता ।

39. कालक्रमानुसार भारत-पाक विभाजन से संबंधित उपन्यास का सही वर्ग है :
(A) तमस - झूठ सच - आधा गाँव - काला जल
(B) काला जल – तमस – झूठ सच - आधा गाँव
(C) झूठा सच – तमस – आधा गाँव - काला जल
(D) आधा गाँव - काला जल - तमस – झूठ सच

40. हिंदीतर प्रदेशों के इन रचनाकारों का काल - क्रमानुसार सही वर्ग है :
(A) सेनापति - भूषण - पद्माकर - रांगेय राघव
(B) रांगेय राघव - भूषण - सेनापति – पद्माकर
(C) पद्माकर - रांगेय राघव - भूषण - सेनापति
(D) सेनापति - पद्माकर - रांगेय राघव - भूषण

41 निम्नलिखित रचनाकारों को उनके सर्वाधिक प्रिय 'वाद' से सुमेलन कीजिए :
(a) अरविंद दर्शन     (1) सोहनलाल द्विवेदी
(b) गाँधीवाद           (2) दिनकर
(c) मार्क्सवाद          (3) भैरवप्रसाद गुप्त
(d) आंबेडकर-दर्शन (4) मोहनदास नैमिषराय
                               (5) सुदर्शन
इनमें से कौनसा विकल्प सही है?
      ( a ) ( b ) ( c ) ( d )
(A) ( 5 ) ( 2 ) ( 3 ) ( 4 )
(B) ( 2 ) ( 1 ) ( 3 ) ( 4 )
(C) ( 3 ) ( 4 ) ( 1 ) ( 2 )
(D) ( 2 ) ( 1 ) ( 3 ) ( 5 ) 


42. निम्नलिखित पत्रिकाओं को उनके सम्बद्ध देशों से सुमेलित कीजिए।
(a) पुरूवाई    (1) ब्रिटेन
(b) विश्व       (2) फिजी
(e) जागृति     (3) अमेरिका
(d) आर्यमित्र   (4) सूरीनाम
                       (5) रूस
इनमें से कौनसा विकल्प सही है ?
      ( a ) ( b ) ( c ) ( d )
(A) ( 5 ) ( 2 ) ( 3 ) ( 4 )
(B) ( 2 ) ( 3 ) ( 4 ) ( 1 )
(C) ( 1 ) ( 3 ) ( 2 ) ( 4 )
(D) ( 4 ) ( 5 ) ( 1 ) ( 2 )

43. हिन्दी के निम्नलिखित बोली-वगों को उनकी बोलियों के साथ सुमेलित कीजिए।
(a) पश्चिमी हिंदी   (1) मगही
(b) पूर्व हिंदी          (2) मालवी
(c) राजस्थानी       (3) बघेली
(d) बिहारी हिन्दी   (4) कन्नौजी
                             (5) कुमांयुनी
इनमें से कौनसा विकल्प सही है ?
       ( a ) ( b ) ( c ) ( d )
(A) ( 5 ) ( 1 ) ( 2 ) ( 3 )
(B) ( 4 ) ( 1 ) ( 2 ) ( 3 )
(C) ( 4 ) ( 3 ) ( 2 ) ( 1 )
(D) ( 2 ) ( 1 ) ( 3 ) ( 5 )

44. निम्नलिखित समीक्षा प्रणालियों और समीक्षकों से सुमेलित कीजिए।
(a) शैली वैज्ञानिक समीक्षा   (1) लाला भगवानदीन
(b) टीका-समीक्षा                 (2) रवींद्रनाथ श्रीवास्तव
(c) व्यावहारिक समीक्षा        (3) शिवदान सिंह चौहान
(d) मार्क्सवादी समीक्षा         (4) रामचन्द्र शुक्ल
                                            (5) भगीरथ मिश्र
इनमें से कौनसा विकल्प सही है ?
       ( a ) ( b ) ( c ) ( d )
(A) ( 1 ) ( 2 ) ( 3 ) ( 4 )
(B) ( 4 ) ( 5 ) ( 1 ) ( 2 )
(C) ( 2 ) ( 1 ) ( 4 ) ( 3 )
(D) ( 3 ) ( 1 ) ( 2 ) ( 4 )

45. निम्नलिखित काव्य-पंक्तिर्यों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए।
(a) उठ उठ री लघु लोल लहर          (1) महादेवी वर्मा
(b) यह तो सब कुछ की तथता थी    (2) प्रसाद
(e) देश प्रेम की जन्मभूमि है             (3) अज्ञेय
(d) पिस गया दो कठिन पाटों बीच     (4) दिनकर
                                                        (5) मुक्तिबोध
इनमें से कौनसा विकल्प सही है ?
      ( a ) ( b ) ( c ) ( d )
(A) ( 2 ) ( 3 ) ( 4 ) ( 5 )
(B) ( 1 ) ( 2 ) ( 3 ) ( 4 )
(C) ( 6 ) ( 2 ) ( 3 ) ( 1 )
(D) ( 4 ) ( 3 ) ( 2 ) ( 1 )

46. स्थापना : काव्यकला की दृष्टि से रीतिकाल हिंदी साहित्य का स्वर्णकाल है।
तर्क : इस काल में हिंदी जगत का अपूर्व भौतिक विकास हुआ है।
(A) उपर्युक्त स्थापना और तर्क दोनों सही हैं।
(B) उपर्युक्त स्थापना सही और तर्क गलत है।
(C) उपर्युक्त स्थापना और तर्क दोनों गलत हैं।
(D) उपर्युक्त स्थापना गलत और तर्क सही है।

47. स्थापना : महादेवी वर्मा का स्त्रीपरक लेखन स्त्री-विमर्श का आदर्श है।
      तर्क        : क्योंकि वे घोषित रुप से 'स्त्रीवादी' लेखिका थी ।
(A) उपर्युक्त स्थापना सही और तर्क गलत है।
(B) उपर्युक्त स्थापना गलत और तर्क सही है।
(C) उपर्युक्त स्थापना और तर्क दोनों सही है।
(D) उपर्युक्त स्थापना और तर्क दोनों गलत हैं।

48. स्थापना : प्रगतिवादी कवि पूंजीवाद और उपनिवेशवाद के विरोधी हैं।
      तर्क        : क्योंकि ये दोनों वाद शोषणपरक हैं।
(A) उपर्युक्त स्थापना सही और तर्क गलत है।
(B) उपर्युक्त स्थापना और तर्क दोनों सही है।
(C) उपर्युक्त स्थापना गलत और तर्क सही है।
(D) उपर्युक्त रथापना और तर्क दोनों गलत है।

49. स्थापना : हिन्दी साहित्य में आलोचना पहले-पहल दोष-दर्शन के रुप में प्रकट हुई।
      तर्क       : क्योंकि तब तक हिंदी समीक्षा के मानदंडों का निर्धारण नहीं हो पाया था।
(A) उपर्युक्त स्थापना और तर्क दोनों गलत हैं।
(B) उपर्युक्त स्थापना और तर्क दोनों सही हैं।
(C) उपर्युक्त स्थापना सही और तर्क गलत है।
(D) उपर्युक्त स्थापना गलत और तर्क सही है।

50. स्थापना : हिंदी को अब 'शास्त्रीय भाषा' की मान्यता मिलनी चाहिए।
      तर्क       : उसका इतिहास लगभग 1500 वर्ष पुराना है।
(A) उपर्युक्त स्थापना और तर्क दोनों गलत है।
(B) उपर्युक्त स्थापना सही और तर्फ गलत है।
(C) उपर्युक्त स्थापना और तर्क दोनों सही है।
(D) उपर्युक्त स्थापना गला और तर्क सही हैं।

Saturday, November 10, 2018

तेलुगु पत्रकारिता में अनमोल रत्न 'पंदिरि मल्लिकार्जुनराव' - डॉ. ए.सी.वि.ऱामकुमार (अनुवादक)

तेलुगु पत्रकारिता में अनमोल रत्न 'पंदिरि मल्लिकार्जुनराव' 

मीडिया विमर्श,
जनसंचार के सरोकारों पर केन्द्रित त्रैमासिक पत्रिका,
ISSN 2249-0590,
वर्ष-12, अंक-48, जुलाई-सितम्बर 2018.
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मैलापुर आर्ट्स अकदमी से आयोजित तेलुगु वादविवाद प्रतियोगिता के न्याय निर्णायक वाद-विवाद के बारे में और उसमें शामिलि विद्यार्थियों के बारे में बात करते आ रहे हैं। बात कर रहे उन दोनों में सफेद कुरता-पैजामा पहननेवाले व्यक्ति वहाँ की नजर पुरानी किताबों की दुकान पर पडी। तुरंत बातचीत को रोककर, साथ चलने व्यक्ति से उन्होंने कहा, मेरा साथ आइए, यहाँ पुरानी किताबें देखेंगे। किताबें छाँटे और जो पसंद हैं बिना पूछे पैसे देकर वापस आये। यही व्यक्ति है किन्नेरेश (किन्नेरा पत्रिका के सम्पादक) पंदिरि मल्लिकार्जुनराव और दूसरा व्यक्ति प्रमुख पारिवारिक पत्रिका ‘विजडम’ (आंग्रेजी-तेलुगु) के सम्पादक डॉ के.वि. गोविंदराव है। विविध पत्रिकाओं में प्रकाशित प्रचलित विषयों को फिर से ‘किन्नेरा’ पत्रिका में छापने केलिए पंदिरि मल्लिकार्जुनराव ने डॉ के.वि. गोविंदराव जी को दिखाया। इसमें कुछ विषय उसी समय पर चयन करके छापने की तैयारी की।



सबसे भिन्न, निर्माणात्मक रूप से काम करने की आदत बचपन से ही पंदिरि मल्लिकार्जुनराव की रही है। इसलिए राजमंर्डी में लकड़ी का व्यापार छोडकर चैन्नई आकर किन्नेरा पत्रिका चलायी। अप्पय दीक्षित के वचनों के अनुरूप आंध्रपन को भरपूर अपनाकर पिता वीरन्ना जी की अनुमति लेकर अलहाबाद गये। वहाँ आनंदभवन में मोतिलाल नेहुरू जी के आत्मीय बनकर अपना आशय पूरा किया। प्रिन्स ऑफ वेल्स आगमन को विरोध करके जेल भी गये। श्रीमति के. रामलक्ष्मी जी के शब्दों में कहना है कि उत्तर भारत में ऐसे सत्याग्रह में शामिल हो जेल की सझा भोगनेवाला पहला आंध्रावासी पंदिरि मल्लिकार्जुनराव ही है। (पंदिरि मल्लिकार्जुनराव पृ. 19) उनका स्वागत करने केलिए राजमंड्री रेलवे स्टेशन पहुँचनेवालों में श्री टंगुटूरि प्रकाशं जी भी एक है, यह इस बात का सबूत है कि पंदिरि मल्लिकार्जुनराव ने उत्तर भारत में तेलुगु की आभा कैसी फैलायी थी, कैसी महानता हासिल की थी। 



राजनीति में पहला कांग्रेस के साथ बाद में कम्यूनिस्ट कार्यकर्ता के रूप में काम करते ही हिन्दी प्रचार-प्रसार में काम किया। उसी समय में दुर्गाबाई देशमुख जैसे लोगों को हिन्दी सिखायी, सामाजिक कार्यक्रमों सक्रिय रहते हुए भी अपनी साहित्यानुभूति को बढायी। ‘प्रताप आज’ जैसे हिन्दी पत्रों के संवाददाता के रूप में रहते हिन्दी समाचार को तेलुगु में और तेलुगु समाचार को हिन्दी में अनुदित किये। श्रीपाद सुब्रम्णमशास्त्री जी के ‘प्रबुद्द आध्रा’ जैसे पत्रिका को हमारे साहित्य पठन एवं व्यक्तिगत आजादी की बुनियादी माना। (पंदिरि मल्लिकार्जुनराव पृ. 25) इसलिए ‘प्रबुद्द आध्रा’ पत्रिका बंद होने के बाद सन् 1927 में ‘सुभाषी’ नाम के पत्रिका का प्रकाशन आरंभ किया। प्रवेशांक में ही उस दिनों की आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक परिस्थितियों उल्लेख कपते हुए पंदिरि मल्लिकार्जुनराव ने लिखा था, “ इस धर्म युद्ध में इस नव युग में सारस्वत, कला, इतिहास इन तीनों के प्रतीक के रूप तेलुगु ह्रदय की वाणी को प्रकट करना ही हमारा लक्ष्य है।“ (पंदिरि मल्लिकार्जुन राव, पृ. 62)



उस दिन की परिस्थितियों के कारण सात महीनों में ही सुभाषी मूक बन गई। पत्रिका को पुनःजीवित करने के मवोबल से कुछ दिन राजनीति, कला-सेवा को छोडकर उन्होंने पैसे कमाने की ओर ध्यान देकर उन्होंने ‘वीटो’ दर्द निवारक दवाई की खोज की। इस धंधे में भी नुकसान होने पर पुनः मद्रास लौटकर वहाँ रीटा हेयर आयल तैयारकर बेचना शुरू किया। आर्थिक उन्नति के बाद उन्होंने सन् 1948 में ‘किन्नेरा’ पत्रिका फिर से शुरू की।



तेलुगुभाषा, तिलुगु जाति, तेलुगु संस्कृति की यथोचित सेवा ही लक्ष्य बनकर अपनी किन्नरा को शुरू किया। किन्नेरा की विशेष्टता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने लिखा था, आंध्र की संस्कृतिक क्रांति केलिए प्रतिबद्ध पत्रिका है किन्नरा। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच हमारे समाज, जीवन और संस्कृति का पुनः निर्माण और जन-जीवन की समस्यओं का समाधान कैसे होना और इसे बतानेवाले ह्रदयंगम कहानियों, लेखों के माध्यम से ज्ञान और विनोद प्रदान करेगी, किन्नरा। कुछ दिन के बाद पाठकों की सुविधा केलिए पत्रिका का मूल्य (वार्षिक) छः रूपये से चार रूपये कम किया। पत्रिका के प्रत्येक अंक का मूल्य आठान्ना से चारान्ना कम किया। साधारणतः कोई भी पत्रिका के मूल्य कुछ समय के बाद बढ़ाया जाता है जबकि किन्नरा का मूल्य घटाया गया, पृष्ठ संख्या भी घटायी नहीं गयी। इससे स्पष्ट होता है कि किन्नेरा के माध्यम से कमाई करने का उनका आशय नहीं था। 



‘प्रबुद्ध आध्रा’ पत्रिका (श्रीपाद सुब्रमण्यशास्त्री) सन् 1934 में फिर से प्रकाशन शुरू हुआ। उस पत्रिका के उद्देशों ने मल्लिकार्जुनराव जी को प्रभावित किया। श्रीपाद सुब्रमण्यशास्री जी से मल्लिकार्जुनराव ने दो विषय सीखे। पहला पद्य-गीत रचनाओं को प्रधानता न प्रकाशित करना, दूसरा हिन्दी की महानता को न स्वीकर करने के संदर्भ में सूचना उन्होंने पत्रिका में छापी। प्रजाह्रदय के शीर्षक से संपादक के नाम प्रकाशित पाठकों के मुख्यतः दो पत्र उल्लेखनीय हैं। उसमें व्यंग्यपूर्वक लिखा गया था कि पद्य और गेय रचना को न छापकर रमणारेड्डी और नारायणरेड्डी जी को आलोचक बनाने की कोशिश तो न करे। अंक 53 में एलूरू से पाठक कृष्णाराव और काकिनाडा से चेब्रोलु सूर्यराव ने अपना मत व्यक्त किया। 



पाठकों की विनती से सुभाषि में पहले अंक में गेय रचना प्रकाशित की। किन्नेरा पत्रिका अंक 55 में गेय रचना को प्रकाशित की। वही ही दो कविताएँ अंक 79 में प्रकाशित की। 14-10-79 कविताओं में अंतरंगवेदना-तिरूनत्तियूर, ना कललु कविताओं को वर्णन किया। 




"ना तीयनि कललनि गालिलोन करिगि पोयाई,


ना बिड्डलु चेल्लाचेदरै-



नेनु नेडु एकाकिनी



ई जरावस्थलो एंडिन मोरडुवले,



हाहा! एमि ई विपर्यम"!



ऐसे ही देवुडु कविता में इस अंतिम अवस्था में मै सच्चाई जान ली...कहकर अपने आपको प्रश्न की। कालातीत कोई भी बदलना संभव है। गाँधीवाद से शुरू करके मार्क्सवाद तक यात्रा करके फिर मल्लिकार्जुनराव गाँधीवादी बना गये। गाँधीवाद न मानकर लेनिन के आदर्शों को अपनानेवाला मल्लिकार्जुनराव गाँधी जी के विषय में लिखने से सबको आश्चर्य लगा। इसके बारे में हिन्दी में कहते है कि ‘सुबह का भाला’ माने दिन में भटक जाने पर भी शाम वापस आएगा। हिन्दी सीखकर, हिन्दी प्रचार प्रसार करनेवाला मल्लिकार्जुनराव नागरी लिपि को न मानना पचने की विषय नहीं है। 52 जुलै मासिक में केंद्र सरकार द्वारा हैदराबाद उसमानिया विश्वविद्यालय को राजाभाषा हिन्दी विश्वविद्यालय में बदलने की कोशिस को इनकार किया। जनवरी, फरवरी अंक में इस विषय की चर्चा की। इस संदर्भ में विशाखपट्टणम् के के. सत्यनारायण ने लिखा कि तेलुगु राज्यभाषा रखकर हिन्दी को लागू करना उतना उचित नहीं होगा। ज्यादा लोगों की मान्यता है कि राजभाषा हिन्दी से ही फाइदा होगा। यही विषय से नाराज होकर नागरी लिपि के जगह रोमन लिपि को मान्यता दी। यही विषय माविकोंडा सत्यनारायणशास्री जी भी मान ली। 



व्यावहारिक भाषा पर मल्लिकार्जुनराव जी को निश्चित रूप है। ऐसे ही मद्रास विश्वविद्यालय में ग्राँधिक भाषा को मान्यता देना उनको पचा नहीं है। अपने सम्पादकीय में उन्होंने इसकी आलोचना की थी। यही विषय विद्याशाखा के मंत्री डॉ यम. वि. कृष्णाराव जी के सामने प्रस्तुत की। मंत्री जी भी व्यावहारिक भाषा के संदर्भ में इसकी मान्याता को सहमत कहा। भाषा के संदर्भ में शकट रेफ और अनुस्वर आज भी तमिलनाड्डु दशवीं और बारवीं पुस्तकों में दिखाई देता है।



कुछ विषयों में मल्लिकार्जुनराव अत्यत दुढ रहे है। आंध्रा राज्य के विषय में केंद्रसरकार के नेता नेह्ररू और मौलाना जैसे लोगों की राजनीत पर खडा खंडन की। केंद्र्मंत्री के रूप में आध्रा लोगों की मान्यता न देने पर बहुत विरोध किया। भरतीय सरकार ने मोहर को आयोजित करते समय दक्षिणादि कवियों को मान्यता न देने पर विरोध किया। चेन्नपट्टणम के हर गलि के नाम बदलते समय और आध्रा-रायलसीमा के नाम होनेवाले व्यवहार पर विरोध किया। ऐसे असंख्य अनसर है, जब मल्लिकार्जुन राव जी ने निर्भीक आलोचना का परिचय दिया। 



किन्नेरा पत्रिका मल्लिकार्जुनराव जी को कुछ जोश दिखाया। अंक 53 में खुद आपने ही अपने लिए एक पत्र लिखा। काशी के शिवमंदिर के बारे में लिखा कि मोगल साम्राट औरंगजेबने सन् 1707 में विश्वनाथ मंदिर को नाश की और उस पर मसीद का निर्माण किया। आज भी लाखों हिन्दू लोग विश्वनाथ का दर्शन करने आते है। इस विषय पर सबने मल्लिकार्जुनराव जी को विश्वहिन्दू कार्यकर्ता समझा और आरोप किया। मल्लिकार्जुनराव जी अनेक विमर्श एवं समीक्षाएँ लिखी। 



किन्नेरा अंक 17 में लगभग 30 पत्रिकाओं का नाम दिया उसमें केवल दो ही जिंदा बचा वही कृष्णपत्रिका और आध्रप्रभा। पुस्तक समीक्षा में हिन्दी और अंग्रेजी भाषा में देख सकते है। काव्यों के संदर्भ में गुजराती और बंगाली भाषा पुस्तक देख सकते है। लेकिन तेलुगु पत्रिका आज मुरदा हो गई। 



बी.यस.सी और पी.हेच.डी को अलग अलग लिखकर बहुत नया प्रयोग किन्नेरा पत्रिका में किया। ऐसी ही अंक 50 में अनुवाद को मान्यता न दी। फिर भी संस्कृत, हिन्दी, बंगाली, महाराष्टा, कन्नडा, उर्दू, आंग्रेजी आदि भाषाओं के साहित्य के अनुवादों को तेलुगुजाति लोगों केलिए मान्यता दी। मल्लिकार्जुनराव नास्तिकता भावों से गुजरे लेकिन देवुड्डु नाम से सन् 3-5-1981 कविता की। उन्हों ने कहते है कि 
“ ई गोडवंता मनकेंदुकू चच्चेटपुडु संध्या मंत्र जैसे..


“नी तुदि कालंलोने निजं कनुगोनेदी



कादा – नेडे मेलुको/नेडे कळु तेरूवु



तेजस्वी चुडु – पुरोगमिच्चु



मानवत्व दिसन



मानवता दिशकु”



अपना मंतव्य बदलकर मल्लिकार्जुनराव कुछ समय जैसे प्रश्न करते है और आश्चर्य में डुबा लेते है। फिर भी तेलुगु पत्रिका के दुनिया में मल्लिकार्जुनराव जी सच में ‘तेलुगु पत्रकारिता में अनमोल रत्न’ है। तेलुगु भाषिक चेतना, पत्रकारिता के माध्यम से फैलाने, मानवीय मूल्यों की प्रतिष्ठा के लिए मल्लिकार्जुन राव के प्रयासों को हमें सदा स्मरण करना चाहिए।



मूल तेलुगु लेख का हिन्दी अनुवादक:
डॉ.ए.सी.वी.रामकुमार,
प्रवक्ता, हिन्दी विभाग, 
तमिलनाड्डु केंद्रीय विश्वविद्यालय,तिरूवारूर।.
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